सही समय पर सही फैसला लेना जरूरी है : डॉ. श्रीधर अयंगर 0

लाइक शेयर कमेंट के 15वें एपिसोड में इस बार हमारे मेहमान थे डॉ. श्रीधर अयंगर. रिटेल मैनेजमेंट में पीएचडी किए हुए डॉ. श्रीधर एक बेहतरीन कॉर्पोरेट ट्रेनर हैं. करीब 20 साल तक फार्मा सेक्टर में काम करने के बाद पिछले करीब 9 वर्षों से एजुकेशन फील्ड से जुड़े हुए हैं. वर्तमान में कलिंगा युनिवर्सिटी, रायपुर में हेड ऑफ एकेडमिक्स ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जानी मानी कंपनियां अर्न्स्ट एंड यंग तथा अलीबाबा जैसे मल्टिनेश्नल कंपनियों के सर्टीफाइड ट्रेनर हैं. बातचीत में डॉ श्रीधर ने अपने जिंदगी के सफर कई बेहतरीन किस्सों का जिक्र किया और अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं के नाम कई महत्वपूर्ण संदेश दिए.

जिंदगी ह्यूमर से भरी हुई है

अपनी एक ट्रेन यात्रा का जिक्र करते हुए डॉ. श्रीधर ने बताया कि जबलपुर जाते वक्त रात में मेरी नींद लगी हुई थी. नींद में सपने में मैंने देखा कि भूकंप आ गया है. इस सपने के चलते मैं नींद में ही हड़बड़ा गया और अपनी ट्रेन की साइड अपर सीट से घबराकर नीचे गिर पड़ा. इत्तेफाक से जब मैं सीट से नीचे गिरा तो एक आदमी नीचे से गुजर रहा था और मैं उसके ऊपर जा गिरा. उस शख्स ने अपने हाथ का एक सूटकेस छोड़ा और चलती ट्रेन से नीचे कूद गया. मैं कुछ समझ पाता इससे पहले ही पीछे से एक महिला आयी और मुझे शुक्रिया कहने लगी. मैं कुछ समझने की कोशिश कर ही रहा था, उसने बताया कि वो शख्स जो अभी ट्रेन से कूद कर भाग गया वह चोर था. वो मेरा सूटकेस लेकर भाग रहा था. लेकिन आपने ऊपर से कूदकर मेरा सामान बचा लिया…. आपको बहुत बहुत धन्यवाद…!!!  अब सारा माजरा मुझे समझ आया… हालांकि ये सब अनजाने में हुआ था, मैं तो सपने में देख रहा था कि भूकंप आ गया है और मैं हड़बड़ा कर गिर पड़ा, लेकिन मेरे गिरने से किसी का भला हो गया. मैंने जाहिर नहीं होने दिया. लेकिन मैंने इस वाकये से एक बात सीखी कि जिंदगी सीरियस नहीं है, ह्यूमरस है. हम इसे सीरियस बना देते हैं. कब कहां क्या हो जाए कुछ कह नहीं सकते इसलिए जिंदगी का मजा लेते रहना चाहिए.

फैसले सोच समझ कर लें, लेकिन टालने की आदत से बचें

बात तब की है जब मैंने अपने पार्टनर्स के साथ एक फार्मा कंपनी की शुरूआत की. हमें एक बहुत ही गंभीर बिमारी के लिए आयुर्वेदिक दवा के बारे में जानकारी हुई. यह दवा हैदराबाद से दूर गांव में रहने वाला एक बूढ़ा शख्स अपने जड़ी-बूटी से तैयार करता था. ये दवा कारगर थी और इसका फॉर्मूला सिर्फ उसे ही मालूम था. इसके बारे में जानकारी होने पर मैं उनसे मिलने चला गया. मैंने उनसे बात की कि वो अपना फॉर्मूला हमें बेच दें. बातचीत के बाद फार्मूला देने पर बात पक्की हो गई लेकिन पैसे के लेन-देन को लेकर बात जम नहीं पायी. वो जितने पैसे बोल रहे थे, उसके लिए मुझे लगा कि ज्यादा तो है, लेकिन दवा बहुत ही काम की है इसके लिए इतने पैसे दिए जा सकते हैं. लेकिन मुझे लगा कि ये बड़ा फैसला है इसके लिए मुझे अपने पार्टनर्स से बात करनी चाहिए और मैं कुछ दिनों में वापस लौटता हूं कह कर वापस आ गया. यहां अपने पार्टनर्स से बात हुई और बाकी के कुछ काम पूरे करने के चक्कर में मैं उस शख्स के पास जाने में लेट हो गया. करीब 2 महीने बाद मैं फिर से पहुंचा लेकिन वहां जाने पर उस बुजुर्ग के घर में ताला लगा हुआ था. मैंने आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि वो हैदराबाद में शिफ्ट हो गए हैं. बहुत मेहनत से मैंने उनके हैदराबाद का पता तलाश किया और उनसे मिलने पहुंचा. वहां पहुंचने पर पता चला कि उन्होंने एक बड़ी कंपनी को अपना फॉर्मुला बेच दिया. मेरे फैसले लेने में जो देर हुई उसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. अगर वो फॉर्मुला मैं खरीद लिया होता, तो आज हमारी कंपनी कहीं और पहुंच गई होती.

आपकी आदतें, चरित्र और निर्णय आपको महान बनाते हैं

मेरा मानना है कि आपको अपनी जिंदगी में आदतें अच्छी रखनी चाहिए. कैसी भी परिस्थिति आ जाए अपने चरित्र के लिए आदर्श स्थिति से भटकना नहीं चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण बात जो पहले भी कही कि आपको सही समय में सही फैसले लेने चाहिए. कई बार कुछ फैसले जुए की बाजी की तरह होते हैं, भविष्य का बहुत कुछ पता नहीं होता लेकिन उस मुद्दे को कई एंगल से सोचने पर आप एक सही निर्णय लेने का रिस्क ले पाएंगे. जिंदगी के कई अनुभव आपको बेहतर निर्णय लेने के लिए परिपक्व भी बनाते हैं.

प्रार्थना में बहुत ताकत है

मैंने जिंदगी में कई सफलताएं और असफलताएं देखी हैं. मैंने हर बार कुछ नया और यूनिक करने की कोशिश की. जब भी ऐसा लगा कि जैसा सोचा या चाहा वैसा नहीं हो रहा है, तो मैंने आध्यात्म का सहारा लिया. ईश्वर की प्रार्थना से बहुत ताकत मिलती है. आप बुरे दौर से बाहर आते हैं और अगर अच्छे वक्त में हैं तो और बेहतर करने की शक्ति मिलती है.

 

एस्ट्रॉलॉजी एक साइंस है

मैं व्यावसायिक तौर पर ज्योतिष विज्ञान का उपयोग नहीं करता लेकिन इस विधा को मैं विज्ञान की विधा मानता हूं. मेरा विश्वास है इस विज्ञान पर. हालांकि कई लोगों ने इसकी दुकानदारी शुरू कर दी है जिसे मैं गलत मानता हूं. लेकिन अगर इसका गहराई से अध्ययन किया जाए तो यह पूर्णतः विज्ञान का ही हिस्सा है जिसमें गणनाओं के आधार पर भविष्य के आंकलन की कोशिश की जाती है.

 

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